2012 Isuzu D-Max बोल्ट पैटर्न और टायर साइज़
2012 Isuzu D-Max के OEM टायर साइज़, बोल्ट पैटर्न और व्हील स्पेसिफिकेशन नीचे दिए गए हैं। सभी डेटा निर्माता के रिकॉर्ड से लिया गया है।
2012 Isuzu D-Max का बोल्ट पैटर्न 6x139.7, OEM टायर साइज़ 255/60R18 और सेंटर बोर 100.1mm है।
Isuzu D-Max के अन्य वर्ष
2012 Isuzu D-Max इंजन और ट्रिम
2012 Isuzu D-Max के लिए विस्तृत टायर और व्हील विश्लेषण
टायर ज्यामिति — 255/60R18
2012 Isuzu D-Max पर लगा 255/60R18 टायर 255mm ट्रेड चौड़ाई और 60% आस्पेक्ट रेशियो वाला है, जो 18 इंच रिम पर लगता है। इससे साइडवॉल ऊँचाई 153.0mm (6.02") और कुल बाहरी व्यास 763.2mm (30.05") बनता है। हाईवे गति पर टायर प्रति किलोमीटर लगभग 417 चक्कर लगाता है — इसी पर स्पीडोमीटर और ABS कैलिब्रेट होते हैं।
प्लस/माइनस साइज़िंग रेंज
2012 Isuzu D-Max पर बड़े व्हील लगाकर स्पीडोमीटर सटीकता बनाए रखने के लिए 265/53R19 (प्लस-वन) चुनें। आराम या सर्दी के लिए 245/68R17 (माइनस-वन) कुल व्यास को ±3% के भीतर रखता है — यही उद्योग सहनशीलता है ताकि ABS और ESP कैलिब्रेटेड रहें।
व्हील फिटमेंट विवरण
2012 Isuzu D-Max 6x139.7 बोल्ट पैटर्न और 100.1mm हब बोर का उपयोग करता है। सुरक्षित रिम चौड़ाई रेंज 7.0J – 8.0J है, और ET28 – ET38 रेंज के ऑफसेट अधिकांश सेटअप में सस्पेंशन और फेंडर से बिना रगड़े फिट होते हैं।
टायर प्रेशर मार्गदर्शन
2012 Isuzu D-Max के लिए निर्माता द्वारा अनुशंसित ठंडा टायर प्रेशर ड्राइवर साइड दरवाज़े के जैम स्टिकर पर है — हमेशा उसी मान का पालन करें, साइडवॉल पर छपे अधिकतम प्रेशर का नहीं। प्रेशर मासिक और लंबी यात्रा से पहले जाँचें; 20% कम हवा ट्रेड जीवन 25% घटाती है।
OEM व्हील और टायर स्पेक्स
| इंजन और ट्रिम | टायर साइज़ | रिम साइज़ | ऑफसेट (ET) | |
|---|---|---|---|---|
| V-Cross | 18x7.5J | ET33 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2012 Isuzu D-Max V-Cross का टायर साइज़ क्या है?
2012 Isuzu D-Max V-Cross मानक के रूप में 255/60R18 टायर का उपयोग करता है।
2012 Isuzu D-Max का बोल्ट पैटर्न क्या है?
2012 Isuzu D-Max का बोल्ट पैटर्न 6x139.7 है जिसका सेंटर बोर 100.1mm है।
2012 Isuzu D-Max का ऑफसेट क्या है?
2012 Isuzu D-Max का ऑफसेट ET33 है।
6x139.7 बोल्ट पैटर्न वाले अन्य वाहन
निम्नलिखित वाहन 2012 Isuzu D-Max के समान 6x139.7 बोल्ट पैटर्न साझा करते हैं, जिससे व्हील इंटरचेंजेबिलिटी संभव है (बदलने से पहले ऑफसेट और सेंटर बोर की जांच करें)।